Tuesday, 24 December 2013

Recruitment in animal husbendryपशुधन प्रसार अधिकारियों के कुल रिक्त 1198 पदों पर नियुक्ति से पूर्व प्रशिक्षण हेतु ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए हैं।

इन पदों के लिए अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष तथा अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित है। आरक्षित वर्ग को नियमानुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट दी गई है।

कुल पदों में से 90 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती होगी जबकि 10 प्रतिशत पद विभागीय मण्डलीय कर्मचारियों के लिए आरक्षित है।

इन पदों पर नियुक्ति के लिए शैक्षिक अर्हता के तहत 90 प्रतिशत पद - सीधी भर्ती के लिए उम्मीदवार ने उ.प्र. की बारहवीं की परीक्षा जीव विज्ञान या कृषि के साथ एक विषय के रूप में या सरकार द्वारा इसके समकक्ष मान्यता प्राप्त कोई परीक्षा उत्तीर्ण की हो। देवनागरी लिपि में हिंदी का ज्ञान हो।

आवेदन शुल्क के तौर पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए 50 रुपये तथा अन्य के लिए 100 रुपये निर्धारित है। उत्तर प्रदेश के बाहर के उम्मीदवारों को सामान्य वर्ग रखा गया है।

आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 जनवरी, 2014, प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की अंतिम तिथि 11 जनवरी, 2014 तथा लिखित परीक्षा 2 फरवरी, 2014 निर्धारित है।

आवेदन करने तथा अन्य आवश्यक जानकारी के लिए आवेदक पशुपालन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट http://dahup.in/ पर लॉग ऑन करें।

खुला नौकरी का पिटारा, जल्द करें आवेदन

आर्यावर्त ग्रामीण बैंक (विजय खंड, गोमती नगर, लखनऊ, उ. प्र.) में कुल 871 पदों के लिए भारतीय नागर‌िकों से आवेदन आमंत्रित क‌िए गए हैं।
Recruitment in Gramin Bank

इन पदों में ऑफिसर स्केल-III के 10 पद, ऑफिसर स्केल-II (जेनरल बैंकिंग ऑफिसर) के 57 पद, ऑफिसर स्केल-II (आईटी) के 10 पद, ऑफिसर स्केल-II (लॉ) के 2 पद, ऑफिसर स्केल-II (मार्केटिंग ऑफिसर) के 10 पद, ऑफिसर स्केल-I के 319 पद और ऑफिसर असिस्टैंट (बहुउद्देश्य) के 463 पद शामिल हैं।

वेतनमान के तौर पर स्केल-I के लिए 14500-25700 रुपये, स्केल-II के लिए 19400-28100 रुपये, स्केल-III के लिए 25700-31500 रुपये तथा ऑफिस असिस्‍टैंट (बहुउद्देश्य) के लिए 7200-19300 रुपये निर्धारित है।

इन पदों के लिए पंजीकरण ऑनलाइन कराना होगा। पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि 6 जनवरी, 2014 निर्धारित है।

पदों के ‌अनुसार शैक्षिक अर्हताएं आईबीपीएस की वेबसाइट पर दी गई हैं। उम्‍मीदवार के पास संबंधित शैक्षिक योग्यता के अतिरिक्‍त सितंबर-अक्तूबर 2013 में आईबीपीएस द्वारा आयोजित ऑनलाइन सम्म‌िलित ‌‌लिखित परीक्षा-सीडब्‍ल्यूई में निर्धारित अंक होने चाहिए।

ऑफिस असिस्‍टैंट (बहुउद्देश्य) के पद हेतु सामान्‍य वर्ग के उम्मीदवार के लिए 95 अंक तथा आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार के लिए 88 अंक, ऑफिसर स्केल-I के पद हेतु सामान्‍य वर्ग के उम्मीदवार के लिए 98 अंक तथा आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार के लिए 95 अंक होने चाहिए।

ऑफिसर स्केल-II (जीबीओ) के पद हेतु सामान्‍य वर्ग के लिए 107 अंक तथा आरक्षित वर्ग के लिए 101 अंक, ऑफिसर स्केल-II के आईटी के पद हेतु सामान्‍य वर्ग के उम्मीदवार के लिए 107 अंक तथा आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार के लिए 101 अंक होने चाहिए।

ऑफिसर स्केल-II के लॉ पद हेतु सामान्‍य वर्ग के उम्मीदवार के लिए 114 अंक तथा आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार के लिए 107 अंक निर्धारित हैं।

ऑफिसर स्केल-II (मार्केटिंग) के पद हेतु सामान्‍य वर्ग के उम्मीदवार के लिए 106 अंक तथा आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार के लिए 99 अंक तथा ऑफिसर स्केल-III के पद हेतु सामान्‍य वर्ग के उम्मीदवार के लिए 109 तथा आरक्षित वर्ग के लिए 103 अंकों का कट ऑफ तय किया गया है।

मेरिट सूची के आधार पर ही आवेदकों को इंटरव्‍यू के लिए बुलाया जाएगा।

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार http://www.aryavart-rrb.com/recruitment.html पर लॉग ऑन करें और योग्‍यता संबंधी जानकारी के लिए http://www.ibps.in/ पर लॉग करें।

बंपर भर्ती, 10वीं पास करें आवेदन

recruitment in railwaysउत्तर पश्चिम रेलवे में विभिन्न पदों पर कुल 917 रिक्तियों को भरने के लिए विज्ञप्ति जारी की गई है।

इन पदों में ट्रैकमैन के 423 पद, ट्रैफिक खलासी/प्वाइंट मैन के 117 पद, गेट मैन के 6 पद, हेल्पर/खलासी के 200 पद, हेल्पर/खलासी/सफाईवाला/एच.ए. के 171 पद शामिल हैं।

इन पदों के लिए शैक्षिक योग्यता के तहत उम्मीदवार ने 10वीं अथवा आईटीआई अथवा समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की हो। वेतनमान के तौर पर 5200-20200 रुपए तथा ग्रेड पे 1800
रुपए निर्धारित है।

आवेदक की न्यूनतम आयु कम से कम 18 वर्ष और अधिक से अध‌िक 33 वर्ष निर्धारित है। आयु की गणना 1 जनवरी, 2014 से की जाएगी। आयु में आरक्षित वर्ग के लिए न‌ियमानुसार छूट प्रदान की गई है।

आवेदकों को पंजीकरण शुल्क के तौर पर 100 रुपये जमा कराने होंगे। महिला समेत आरक्षित वर्ग को शुल्क से मुक्त रखा गया है।

आवेदन ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों प्रकार से किया जा सकता है। आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 13 जनवरी, 2014 निर्धारित है।

ऑफलाइन आवेदक आवेदन को निश्चित प्रारूप में भरकर 'सहायक कार्मिक अधिकारी/भर्ती, रेलवे भर्ती सेल, दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन, जयपुर-302018' के पते पर भेजें।

ऑनलाइन आवेदन तथा अन्य आवश्यक जानकारी के लिए आवेदक http://www.iroams.com/V1/applicationIndex या http://www.nwr.indianrailways.gov.in/

सुजैन नहीं कहीं और फोकस करेंगे ऋतिक

पत्नी सुजैन द्वारा तलाक का फैसला लिए जाने के बाद ऋतिक रोशन अपना ध्यान सुजैन से हटा रहे हैं।
hrithik roshan start film shooting

ऋतिक रोशन जल्द ही अपनी फिल्म बैंग बैंग की शूटिंग शुरू कर देंगे। नए साल में वे एक गाने के साथ फ्लोर पर आएंगे। यह गाना कैटरीना के साथ फिल्माया जाएगा।

अमेरिका में चेकअप करवाने के बाद वे कुछ दिन पहले ही मुंबई लौटे हैं और पारिवारिक जीवन में झंझावात आने के बाद भी वे खुद पर पूरा नियंत्रण बनाए हुए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक फिल्म सिटी में उनका गाना शूट होगा।

इन दिनों रितिक अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में बात करने से पूरी तरह बच रहे हैं, लेकिन अपनी फिल्म के बारे में जानकारी देने से उन्हें कोई गुरेज नहीं है। रितिक की ब्रेन सर्जरी की वजह से बैंग बैंग की शूटिंग काफी समय से अटकी पड़ी है।

अब उनकी कोशिश है कि जल्द यह फिल्म पूरी हो जाए। फिलहाल उन्हें अपनी हीरोइन कैटरीना कैफ के मुंबई लौटने का इंतजार है। वे अपनी क्रिसमस की छुट्टियां मनाने यूके गई हुई हैं, जहां से वे यूएस जाएंगी। कैट की मुंबई वापसी के बाद ही बैंग बैंग की शूटिंग सुचारु रूप से शुरू हो पाएगी।

AAP की सरकारः एक्सपर्ट करेंगे मंत्रियों की मदद

experts will help ministers of aapसियासत में कदम रखने वाली आम आदमी पार्टी ने नौकरशाहों के चंगुल से निकलने की रणनीति तैयार कर ली है। दिल्ली में सरकार बनाने जा रही पार्टी के नए मंत्रियों को विशेषज्ञों की विशेष टीम मदद देगी।

इसमें ऐसे लोगों को रखा जाएगा, जिन्हें एक तरफ पार्टी की प्रतिबद्धताएं पता होंगी, तो दूसरी तरफ प्रशासनिक कार्यों की भी गहरी समझ। सोमवार को राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक का ज्यादातर समय इसी मसले पर चर्चा में बीता।

दरअसल, सामाजिक आंदोलनों के रास्ते सियासत में उतरी पार्टी के ज्यादातर नेताओं के लिए राजनीति पूरी तरह नई है। अरविंद केजरीवाल समेत ‘आप’ के सभी वरिष्ठ नेता व विधायक पहली बार चुनावी राजनीति में उतरकर विधान सभा पहुंचे हैं।

20 दिन में कमाल, सीएम की कुर्सी पर केजरीवाल

केजरीवाल व एकाध अन्य को छोड़ दें तो ज्यादातर को शासन-प्रशासन के कामकाज का तजुर्बा नहीं है। पार्टी के नेता भी इससे इत्तेफाक रखते हैं।

परेशानी इसलिए भी ज्यादा है कि जहां पार्टी अल्पमत की सरकार बना रही है। वहीं, आम लोगों को सरकार से उम्मीदें भी बहुत ज्यादा है। ऐसे में सरकार का एक भी गलत फैसला पार्टी की मुसीबत बन सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, सोमवार की पीएसी की बैठक में चर्चा का अहम मुद्दा यही रहा। इसमें पार्टी और सरकार के संबंधों पर चर्चा की गई। इसमें सभी नेताओं की राय रही कि यह उलझन विशेषज्ञों की एक टीम के साथ सुलझाई जाए।

टीम में शामिल लोग प्रशासन और पार्टी से नहीं आएंगे। इसकी जगह ऐसे लोगों को टीम में लाया जाए, जिन्हें प्रशासन के साथ राजनीति की भी समझ हो। पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव ने बताया कि ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है। सरकार बनने के साथ इनका नाम तय कर लिया जाएगा। टीम मंत्रियों को तकनीकी सलाह देगी।

अधिकारियों की भी हटेगी बत्ती

मुख्यमंत्री समेत दिल्ली सरकार के साथ मंत्रियों और अधिकारियों के वाहनों की नीली-लाल बत्ती हटाने की तैयारी आम आदमी पार्टी ने पूरी कर ली है। एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि सरकार बनने के बाद बत्ती हटाने का आदेश जारी किया जाएगा। इसमें न सिर्फ मुख्यमंत्री और मंत्री शामिल होंगे, बल्कि दिल्ली सरकार के अधिकारियों को भी वाहनों से बत्ती हटानी होगी। यह आदेश सरकार बनने के बाद ही जारी कर दिया जाएगा।

IRCTC की ई-वॉलेट सर्विस आखिर है क्या?

हाल में आईआरसीटीसी ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग को आसान बनाने के लिए अपनी न
irctc e wallet service
ई सेवा ई-वॉलेट शुरू की है। सबसे पहले जहन में यह सवाल आता है कि आखिर इसका मतलब क्या है।

हजारों लोग इस वेबसाइट का इस्तेमाल हर रोज करते हैं और जाहिर है लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नई सर्विस से उन्हें‌ टिकट बुक कराने में आसानी होगी। आइए जानते हैं इस नई टेक्‍नोलॉजी के बारे में।

क्या है ई-वॉलेट

ई-वॉलेट एक तरह का ऑनलाइन प्रीपेड अकाउंट होता है, जिसमें आप अपने रुपए जमा कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल कर सकते हैं।

फटाफट रेल टिकट बुक करने की नई स्कीम

प्रीपेड मोबाइल की तरह इस प्रीपेड अकांउट में पहले आप रुपए जमा करते है और फिर उस रुपए का इस्तेमाल ऑनलाइन टिकट खरीदने के लिए कर सकते हैं।

इस तरह आपको ऑनलाइन टिकट और शॉपिंग के लिए अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड का विवरण देने की जरूरत नहीं रह जाएगी।

कैसे बनेगा ई-वॉलेट?
अगर आप आईआरसीटीसी पर टिकट बुक कराने के दौरान ई-वॉलेट का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको ई-वॉलेट की मेंबरशिप लेनी होगी।

आईआरसीटीसी पर लॉगइन कर ई-वॉलेट के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यहां आपको अपने पैन कार्ड का नंबर और अपने नाम का पहला शब्द टाइप करना होता है।

मोबाइल यूजर्स फ्री (free) में पाएं टॉक टाइम


इसके बाद आपके सामने एक ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा, जहां आप ई-वॉलेट के लिए रुपए ट्रांसफर कर पासवर्ड बना सकते हैं। इस तरह आप किसी अन्य प्रोडक्ट के लिए इसी वेबसाइट पर ई-वॉलेट की सुविधा ले सकते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?
ई-वॉलेट का इस्तेमाल ऑनलाइन ‌शॉपिंग और टिकट ‌बुकिंग के लिए होता है। इसलिए आपको किसी भी प्रोडेक्ट की खरीदारी के लिए लॉगइन करना होगा। इसके बाद आप ई-वॉलेट के ऑप्शन पर क्लिक करके उसके दिशा-निर्देश का पूरा करें।

ई-वॉलेट का फायदा
अभी तक आईआरसीटीसी से टिकट बुक कराने के लिए आपको अपने क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या फिर नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करना होता था।

गूगल गुरु ने हिंदी में शुरू की इंटरनेट पाठशाला


पैसे ट्रांसफर करने के लिए आईआरसीटीसी वेबसाइट को उस संबंधित बैंक की वेबसाइट के सर्वर पर जाना पड़ता है, जिसमें काफी समय लगता है और कई बार पेमेंट भी बीच में ही लटक जाती थी।

ई-वॉलेट आपको इस दिक्कत से बचाएगा। ई-वॉलेट सेवा में ग्राहक के पैसे से जुड़ी जानकारी आईआरसीटीसी के सर्वर में ही रहेंगी, जिसकी मदद से आसानी से भुगतान हो सकेगा।

बिना इंटरनेट के किसी भी फोन में चलाएं फेसबुक


आईआरसीटीसी ने यहां ई-वॉलेट सेवा में टिकट रद्द कराने के बाद आपका पैसा फिर से ई-वॉलेट में ट्रांसफर (मनी रिफंड) करने का विकल्प भी रखा है।

ई-वॉलेट की कमी

ई-वॉलेट का इस्तेमाल आप आईआरसीटीसी पर टिकट बनाने के लिए सुबह 8:00 से 12:00 बजे तक नहीं कर सकते हैं।

ई-बैंकिंग और ई-वॉलेट में फर्क
ई-बैंकिंग में जहां आप सिर्फ अपने बैंक खाते के जरिए लेन-देन कर सकते हैं, वहीं ई-वॉलेट सेवा के लिए आपको किसी बैंक खाते की जरूरत नहीं है। ई-वॉलेट में आप एक निश्चित राशि ही जमा कर सकते हैं।

इन खतरों से कैसे बचेगा आपका मोबाइल?


how can you safe your mobile ?

रात को सोने से पहले गूगल कीप पर अगले दिन का डे प्लान, ई-वॉलेट से मोबाइल रिचार्ज, यू-ट्यूब पर नई पिक्चर का ट्रेलर देखना, दोस्तों के व्हाट्स ऐप मैसेजेस का जवाब और रही-सही कसर पूरी करने के लिए फ़ेसबुक– एक स्मार्टफ़ोन यूज़र का दिन बहुत ‘व्यस्तता’ के साथ बीतता है।

लेकिन जैसे-जैसे आपकी स्मार्टफ़ोन से दोस्ती बढ़ती जाती है वैसे-वैसे ही ये आपका राज़दार होता चला जाता है।

फ़ेसबुक पासवर्ड से लेकर गैलरी में मौजूद पारिवारिक तस्वीरें और वीडियो, बैंकिंग जानकारी, फ़ोनबुक के नंबर समेत सभी संवेदनशील जानकारी आपके फ़ोन पर सुरक्षित रहे उसके लिए भी ऐहतियात बरतना ज़रूरी है।

एक अच्छा एंटीवायरस पैक आपको कई तरह के वायरस और डाटा चोरी करने वाले मालवेयर से बचा सकता है।

लेकिन अगर फ़ोन चोरी हो जाए या खो जाए, तो फ़ोन के जाने के अफ़सोस से ज़्यादा ख़तरा उसमें स्टोर जानकारी के किसी ग़लत आदमी के हाथों पड़ने से हो सकता है।

ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए गूगल ने खुद ही एंड्रॉएड फ़ोन्स के लिए एक सर्विस ‘एंड्रॉएड डिवाइस मैनेजर’ लॉन्च कर दी।

इस ऐप के ज़रिए आप अपने खोए हुए एंड्रॉएड फ़ोन का पता लगा सकते हैं और बुरी से बुरी स्थिति में फोन की गोपनीय जानकारियों को डिलीट कर सकते हैं ताकि वो किसी ग़लत हाथ में न चला जाए।

घर में कही भी फ़ोन रखकर भूल जाने वाले भुलक्कड़ों के लिए भी इस ऐप में एक खास फ़ीचर है। आपको बस अपने कंप्यूटर तक जाना है और वहां गूगल पर लॉग-इन करके ‘रिंग’ बटन दबाना है। सब ठीक रहा तो इतने में आपका फ़ोन बज उठेगा।

ऐसे फ़ीचर आई-फ़ोन में पहले ही उपलब्ध हैं, लेकिन एंड्रॉएड में अब तक इसकी कमी खलती थी।

कुछ एंटीवायरस ऐप, जैसे ‘मैकअफ़े’ और ‘क्विक हील’ भी फ़ोन फ़ाइंडर और रिमोट डाटा इरेज़र जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं, लेकिन सभी फ़ीचरों से युक्त ऐसे ज़्यादातर ऐप पेड होते हैं।

स्मार्टफ़ोन एक तरफ जहां बहुत से काम चुटकियों में कर देता है, जैसे कि ट्रेन और फिल्मों की टिकट बुक करना, पैसा ट्रांसफ़र करना, वहीं ये आपको अनचाहे कॉल और मैसेज से भी बचा सकता है। आइए नज़र डालते हैं ऐसे ही कुछ मोबाइल टूल्स पर।

आपको कॉल या मैसेज जिन नंबरों से आ रहे हैं उन्हें ये ऐप अपने 30 करोड़ नंबरों के डेटाबेस से मैच करता है और उनके बारे में जो भी जानकारियां हैं, उसे वो आपके फ़ोन स्क्रीन पर उपलब्ध कराता है।

इस तरह से आप किसी भी नए नंबर से कॉल करने वाले का नाम जान सकते हैं और अगर किसी व्यक्ति का कॉल नहीं लेना चाहते हैं, तो बस ब्लॉक बटन दबा दें। बाक़ी काम ऐप कर लेता है।

कई बार लोग किसी बैंक, रेस्त्रां, रिटेल स्टोर का फीडबैक फॉर्म या डिजिटल फॉर्म भरते समय ठीक से नहीं पढ़ते और मोबाइल पर सूचना पाने का ऑप्शन टिक कर देते हैं। ऐसे में ‘डीएनडी’ यानी डू नॉट डिस्टर्ब स्थिति में भी कुछ मार्केटिंग कॉलर्स को छूट मिल जाती है और आप चाहे-अनचाहे मार्केंटिंग कॉल्स को न्यौता दे देते हैं।

इस तरह के कॉलर से भी निपटने के लिए फ़ोन वॉरियर में एक स्पैम फ़िल्टर ऑप्शन मौजूद है, जो अपने रिसर्च के आधार पर कोई कॉल आते ही बता देता है कि कॉल स्पैमर का है या साधारण है।

ये ऐप काफ़ी समय से बाज़ार में है और बीते कुछ हफ्तों में इसमें कई नए प्रयोग भी किए गए हैं।

ट्रू कॉलर अपने तमाम यूज़र के फ़ोनबुक से ली गई जानकारी के आधार पर बता सकता है कि जिस अनजान नंबर से यूज़र को कॉल आ रही है, वो किसका है।

इस ऐप पर लोग अपना प्रोफ़ाइल भी बना सकते हैं और तस्वीर भी लगा सकते हैं।

ट्रू कॉलर फ़ोन पर इंस्टॉल होने के साथ ही फ़ेसबुक, लिंक्ड-इन और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया टूल्स से भी जुड़ जाता है। ऐसे में अगर फ़ोन करने वाले का नंबर आपके मोबाइल पर सेव नहीं है, लेकिन उस व्यक्ति से आप फ़ेसबुक पर जुड़े हैं तो उनका नाम, विवरण और उनकी बड़ी तस्वीर आपके फ़ोन की स्क्रीन पर छा जाएगी।

ये ऐप काफ़ी सरल, साधारण लेकिन प्रभावशाली है। इसमें यूज़र को किसी नंबर को ब्लॉक या अनब्लॉक का ऑप्शन मिलता है।

नंबर ब्लॉक करने के लिए उसे ऐप में सीधे दर्ज भी किया जा सकता है और फ़ोनबुक से चुना भी जा सकता है।

स्मार्टफ़ोन जैसे-जैसे हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे इनकी सुरक्षा भी ज़रूरी होती जा रही है, क्योंकि अगर ये ग़लत हाथों में पड़ जाए तो जानकारी का दुरुपयोग हो सकता है।