Saturday, 16 June 2012

Sach Kahoon Party


Sach Kahoon Party
I've never had a problem with drugs. I've had problems with the police.

A good friend would bail you out of jail, but your best friend would be the one sitting next to you saying, "damn that was awesome".
No officer theres no blood in my alcohol system.
You're only bad if youre caught so that makes me a good girl, right?
I'll try anything once, twice if I like it!
We are the people are parents warned us about.
Now I lay me down to sleep, a bottle of vodka at my feet, if I shall die before I wake tell my friends I drank it straight.
Cocaine is Gods way of saying you're making to much money.
The road goes on forever, but the party never ends.
I know a man who gave up smoking, drinking, sex, and rich food. He was healthy right up to the time he killed himself.
Thought when sober, said when drunk.
I read about the evils of drinking so I gave up reading.
Drugs, sex, and rock n roll.
All the things I really like to do are either immoral, illegal, or fatting.
If I did nothing wrong, I'd never do anything.
There are only two kinds of criminals: those who get caught and the rest of us. (This is very true!)
Rehab is for quitters.
Fuck the police.
When we drink, we get drunk. When we get drunk, we fall asleep. When we fall asleep, we commit no sin. When we commit no sin, we go to heaven. Sssoooo, lets all get drunk, and go to heaven.
Time is never wasted when youre wasted all the time.
24 hours in a day 24 beers in a case coincidence? I think not.
No son, you don't want to drink beer. Thats for daddies, and kid's with fake ID's.
To alcohol! The cause of, and solution too, all of lifes problems.
Reality is an illusion that occurs due to the lack of alcohol.
I am awake, I might as well be drinking.
I may be bad, but I'm perfectly good at it.
Proud mother of a delinquent child!
Nothings is illegal until you get caught.
When life hands you lemons, bust out the tequilla and salt!
I'm old enough know better but young enough not to care.
I live for the nights I can't remember with the people I'll never forget.  (It is my friend Emily)
How come dumb stuff seems so smart while you're doing it.
It's only illegal if you get caught.
Reality is a cutch for people who can't cope with drugs.
Pissing off the system, one cop at a time.
Oh I get by with a little help from my friends. Mmm, I get high with a little help

Friday, 18 May 2012

बड़े ही काम की हैं ये वेबसाइट्स, आपको हो सकता है फायदा

Krishana Rao
ग्वालियर। स्टूडेंट्स को गर्मी की छुट्टियों में कई असाइनमेंट्स मिले होंगे। इसके अलावा होम वर्क अलग से होगा। ऐसे में कुछ ऐसी वेबसाइट्स के बारे में जानते हैं, जो इन्हें पूरा करने में मदद करेंगी। स्टूडेंट्स कई बार घर पर पढ़ते हुए ऐसी डिटेल्स पाने की जरूरत महसूस करते हैं, जिनका जिक्र किताबों में तो होता है, लेकिन उस पर गहराई से जानकारी नहीं होती। ऐसे मुद्दों और विषयों पर गहराई से जानकारी हासिल करने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा सकता है। जानते हैं कौन सी साइट्स बनेंगी मददगार।

Refdesk.com

यह तथ्यों की जांच करने में मददगार वेबसाइट है। यहां पर इतने विविध तथ्य और जानकारियां मौजूद हैं कि छात्रों के लिए इससे बेहतर होमपेज कोई और नहीं हो सकता। गूगल, बिंग और याहू सर्च रेफडेस्क के होमपेज से ही की जा सकती है। इसके साथ-साथ विकीपीडिया, यू-ट्यूब तथा कई डिक्शनरियों तथा इनसाइक्लोपीडिया में भी सर्च की सुविधा मौजूद है। दिन के खास समाचारों, खास तथ्यों, खास लोगों, खास शब्दों, खास घटनाओं आदि की आकाईव भी उपलब्ध है।

Factmonster.com

इस वेबसाइट को ऑनलाइन अल्मनेक, डिक्शनरी, इनसाइक्लोपीडिया और होम वर्क में मदद करने वाले रिसोर्स के रूप में देख सकते हैं। होमपेज पर ही दुनिया की हलचल, लोग, खेल, विज्ञान, गणित जैसे लिंक्स दिए गए हैं, जिनके भीतर जाने पर तथ्यों और जानकारियों का खजाना खुल जाता है। टाइमलाइन सेक्शन यूजर को इतिहास की यात्रा करने का मौका देता है, तो वर्ड वाइस में शब्द-ज्ञान को आजमा सकते हैं। एटलस आपको दुनिया की सैर कराता है।

Wolframalpha.com

यह एक अनूठा सर्च इंजन है, जो विद्याथिर्यों और शोधकर्ताओं के लिए बेहद उपयोगी है। इसे कम्प्यूटेशनल नॉलेज इंजन कहा गया है, क्योंकि यह किसी भी विषय पर मांगी गई सामग्री को जरूरत के हिसाब से दिखाने में सक्षम है। यह सामान्य सर्च नहीं, बल्कि इंटेलीजेंट सर्च रिजल्ट है जो सिर्फ सूचनाएं नहीं खोजता बल्कि उनका विश्लेषण करके नतीजे दिखाने में सक्षम है। मिसाल के तौर पर गूगल hindi and mandarin लिखकर सर्च करने पर ऐसे पेजों को दिखाया जाता है, जिनमें हिंदी और मंदारिन दोनों का जिक्र हो।

लेकिन यही सर्च टर्म जब Wolframalpha में डाला जाता है, तो वह इन दोनों भाषाओं का तुलनात्मक विश्लेषण दिखाता है। यहां इतिहास से लेकर वर्तमान तक के बारे में जरूरी तथ्य मिलेंगे। विश्व एवं खबरें, इतिहास, खेल, जीवनियां, कलाएं, मनोरंजन, बिजनेस, हेल्थ एंड साइंसेज, कैलेंडर एंड हॉलीडेज जैसी कई श्रणियों में सूचनाओं का भंडार भरा पड़ा है। ज्ञानवर्धक पहेलियां, देशों के प्रोफाइल, कनवर्जन कैलकुलेटर आदि सुविधाएं आपको लुभाएंगी।

Wisegeek.com

इस वेबसाइट पर स्टूडेंट्स की जरूरत के विषयों पर स्तरीय लेखों का भंडार है। साइंस एंड इंजीनियरिंग से जुड़े विषयों पर कोई साढ़े चार हजार, एडल्ट एजुकेशन एंड ट्रेनिंग पर साढ़े पंद्रह हजार, महान हस्तियों पर तेरह सौ, बिजनेस एंड इकोनॉमी पर सात हजार से अधिक, जानवरों और पर्यावरण पर चार हजार, टेक्नोलॉजी और गैजेट्स पर करीब चार हजार लेख मौजूद हैं।

Monday, 14 May 2012

भाजपा को अलविदा कहेंगे येद्दयुरप्पा!


बेंगलूर। कर्नाटक में सत्तासीन भाजपा गंभीर संकट में है। विद्रोही तेवर दिखा रहे पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दयुरप्पा ने सोमवार को कहा कि वह शाम तक अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर फैसले का ऐलान करेंगे। माना जा रहा है कि वह पार्टी छोड़ सकते हैं।
येद्दयुरप्पा ने कहा कि मैं आज सांसदों, विधायकों और अपने समर्थकों से परामर्श लूंगा और शाम चार बजे तक अपने फैसले का ऐलान कर दूंगा।
गौरतलब है कि अवैध खनन के मामले में सुप्रीमकोर्ट की ओर से सीबीआइ जांच के आदेश के बाद पार्टी नेतृत्व की ओर से हो रही अपनी अनदेखी से येद्दयुरप्पा काफी नाराज हैं और अपने गुस्से का इजहार करते रहे हैं। लिंगायत समुदाय से ताल्लुक रखने वाले येद्दयुरप्पा ने सिद्धगंगा मठ के दौरे के दौरान भाजपा महासचिव एचएन अनंतकुमार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा, मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के नेता सतीश को आड़े हाथ लिया।
येद्दयुरप्पा ने अनंतकुमार पर आरोप लगाया कि वह भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को उनके बारे में दुर्भावनापूर्ण सूचनाएं देते रहते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अनंतकुमार ने पहले कम से कम तीन दफा खदान मालिकों की मदद से मुझे मुख्यमंत्री पद से हटवाने की कोशिश की थी।
डैमेज कंट्रोल की कोशिश में लगे ईश्वरप्पा ने आधा दर्जन से ज्यादा विधायकों और येद्दयुरप्पा समर्थक मंत्रियों के पद से इस्तीफे को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। ईश्वरप्पा ने पत्रकारों को बताया कि इस बात में सच्चाई है कि करीब आधा दर्जन से अधिक विधायकों और मंत्रियों ने अपना इस्तीफा येद्दयुरप्पा को सौंपा था। बहरहाल, पार्टी न तो विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार करेगी और न ही किसी मंत्री को उनके पद से हटाएगी।
इस बीच, येद्दयुरप्पा समर्थक विधायकों और मंत्रियों ने उनके रेस कोर्स स्थित आवास पर एक बैठक की जहां सलाह-मशविरे का दौर शुरू हुआ। येद्दयुरप्पा के करीबी सूत्रों ने दावा कि वह भाजपा छोड़ने के बारे में विचार कर रहे हैं। यदि पूर्व मुख्यमंत्री ने ऐसा किया तो दक्षिण भारत में पहली बार बनी और चार साल से चल रही भाजपा की सरकार को करारा झटका लग सकता है। बीएस येद्दयुरप्पा समर्थक आठ मंत्रियों ने पहले ही अपने नेता को अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं।
एक ताजा घटनाक्रम के तहत ऐसा कहा जा रहा है कि भाजपा आलाकमान ने येद्दयुरप्पा की इस मांग को खारिज कर दिया है कि कर्नाटक की सत्ता की बागडोर सदानंद गौड़ा से वापस ले ली जाए। येद्दयुरप्पा की दूत बन कर आलाकमान से बातचीत के लिए गई ऊर्जा मंत्री शोभा करंदलाजे खाली हाथ वापस आ रही हैं।

इस यातना की अनदेखी न करें


 don't ignor this torture
नई दिल्ली। बच्चों के यौन शोषण की घटनाओं पर शोध के दौरान मुझे एक बड़ी सीख तब मिली, जब मैंने अपनी विशेषज्ञ डॉ. अनुजा गुप्ता से पूछा कि यौन शोषण का शिकार होने के बाद भी बच्चे अपने मां-बाप से उसके बारे में बताने में कठिनाई महसूस क्यों करते हैं? उनका जवाब था, 'क्या हम बच्चों की सुनते हैं? क्या हम उनकी बात सुनने के लायक हैं?' और यह वास्तव में एक बड़ा सवाल है। मेरा अपने बच्चों के साथ क्या संबंध है? क्या मैं अपने बच्चों से उनकी परेशानियां पूछता हूं? क्या वास्तव में बच्चों की बात सुनता हूं? क्या मैं जानता हूं कि मेरे बच्चे के दिमाग में क्या चल रहा है? क्या मैं उसके भय, सपनों, उम्मीदों के बारे में जानता हूं? क्या वास्तव में मैं यह सब जानना भी चाहता हूं। क्या मैं अपने बच्चों का दोस्त हूं?
यद्यपि पहली पीढ़ी की तुलना में हमारी पीढ़ी बच्चों के साथ अधिक बातचीत करती है। या कम से कम हम ऐसा मानना पसंद करते हैं..फिर भी हममें से कितने हैं जो अपने बच्चों के साथ मजबूती से जुड़े हैं? हममें से कितनों के पास एक स्वस्थ संबंध के लिए जरूरी समय और सोच है? सच्चाई यह है कि अगर आपका अपने बच्चों के साथ स्वस्थ संवाद, भरोसा और दोस्ती होगी, तभी आपके बच्चे निडर होकर और सहजता से आपके साथ अपनी हर तरह की भावनाएं साझा कर पाएंगे।
स्पष्ट है कि हम यह प्रार्थना ही कर सकते हैं कि किसी भी बच्चे को यौन शोषण की यातना न झेलनी पड़े, किंतु यदि यह होता है तो बच्चे में इतनी हिम्मत होनी चाहिए कि वह यह आपसे बता सके। बातचीत और संवाद के माध्यम से हममें अपनी खुशियां और भय साझा करने की क्षमता विकसित होती है। जब मां-बाप और बच्चों के बीच संवाद का सिलसिला शुरू हो जाता है तो यह अनेक मुद्दों के हल होने का प्रस्थान बिंदु बन जाता है। तब यदि आपके बच्चे के साथ कुछ गलत होता है तो वह बेझिझक आपके पास आकर आपको पूरी बात बता देगा और तब आप उस समस्या को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। भरोसा खुली बातचीत का आधार होता है। हमारे बच्चे बड़े ध्यान से हमारा अवलोकन करते हैं। उनके अंदर हमारी प्रतिक्रिया को ताड़ने की सहज प्रवृत्तिहोती है। अगर हम चाहते हैं कि वे हमसे अपनी बात कहें तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें यह पता हो कि हम उन पर विश्वास करते हैं।
जी हां, केवल सुनते ही नहीं, विश्वास भी करते हैं। बच्चे बहुत समझदार और संवेदनशील होते हैं। हमें उनमें यह आत्मविश्वास भरना होगा कि हम न केवल उनकी बात गंभीरता से सुनते हैं, बल्कि उन पर भरोसा भी करते हैं।
एक और बड़ी सीख हरीश की मां पद्मा अय्यर से मिली। अगर कोई बच्चा यौन शोषण के बारे में बताता है तो अकसर हमारे दिमाग में पहला विचार यही आता है कि हम अपने ही परिवार के सदस्य के खिलाफ कैसे कार्रवाई करेंगे? परिवार की इज्जत ही हमारी इज्जत है। यह मिट्टी में मिल जाएगी। लोग क्या कहेंगे। मेरे बच्चे के साथ ऐसा हुआ तो इस बात को छिपाने में ही भलाई है। पद्मा की तरह पहले तो हम इस प्रकार की घटना को स्वीकार ही नहीं पाते। और तब हम इसे छिपाने की कोशिश करते हैं। चूंकि हम इसे छिपा लेते हैं, इसलिए इसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाते।
इस दौरान हम दूसरों के बारे में, समाज के बारे में सोचते रहते हैं, किंतु हम अपने खुद के बच्चे के बारे में भूल जाते हैं। चार, पांच या छह साल का अबोध बच्चा, जो सदमे के सबसे भयावह दौर से गुजरा है, जो हमारे पास इसलिए आया है कि हम उसके मां-बाप हैं और बच्चे के पास हमें अपना दुख सुनाने के अलावा और कोई विकल्प भी नहीं है। ऐसे बच्चे की हमें चिंता नहीं होती।
हमारा बच्चा ही हमारी चिंता का प्रमुख विषय होना चाहिए, शेष सब पहलू बाद में आते हैं। ऐसे समय हमें सोचना चाहिए कि बच्चे पर क्या गुजर रही है और हमें बच्चे के लिए क्या करने की जरूरत है। बस यही। उपचार की इस प्रक्रिया से गुजरने के बाद बच्चा पहले से भी मजबूत बन जाता है और वह सदमे से उबर जाता है। हमें अपनी पूरी ताकत के साथ इसे संभव बनाना चाहिए। इसके अलावा, बच्चों के यौन शोषण को जघन्य अपराध के रूप में देखना शुरू कर देना चाहिए, क्योंकि यह वास्तव में एक जघन्य अपराध है। जब आपके घर में चोरी हो जाती है, तो क्या आप हंगामा खड़ा नहीं कर देते, 'बताइए! कोई मेरे घर में घुसकर सामान पर हाथ साफ कर गया। मेरे सारे जेवर चुरा ले गया। यह हो क्या रहा है? सिक्योरिटी कुछ कर क्यों नहीं रही है?' किंतु अगर हमारे घर में किसी बच्चे के साथ यौन शोषण हो जाता है तो हम इस पर पर्दा डालने की कोशिश करते हैं। हम ऐसा क्यों करते हैं? क्या बच्चे ने कुछ गलत किया है? नहीं। बल्कि इसका उल्टा है। गलत बच्चे के साथ हुआ है। फिर आप इस पर पर्दा क्यों डालते हैं? आपको चिल्लाना चाहिए, 'कोई हिम्मत कैसे कर सकता है कि मेरे घर में आकर बच्चे के साथ यह करे।' आपको हंगामा मचा देना चाहिए! उस आदमी को सींखचों के भीतर होना चाहिए। कानून के रखवालों को भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए। और सबसे बड़ी बात यह कि बच्चे को यह अहसास होना चाहिए कि उसकी सुरक्षा आपके लिए कितना मायने रखती है।
मैं पहले ही 'सत्यमेव जयते' में उल्लेख कर चुका हूं कि बाल यौन शोषण से संबंधित बिल पर संसद काम कर रही है और यौन शोषण से अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए हम एक मजबूत, प्रभावी और व्यावहारिक कानून की उम्मीद कर सकते हैं। यह कानून जल्द ही बनने की संभावना है। अंत में मैं आपको बताना चाहूंगा कि सेक्सुअलिटी पर हमारा दिमाग जितना कुंद या बंद होगा उतना ही अधिक वह कुंठित होगा और यह खुद को भद्दे तरीकों से अभिव्यक्त करेगा। मैं उम्मीद करता हूं कि एक समाज के रूप में हम जल्द ही ऐसी अवस्था में पहुंच जाएंगे, जहां अपनी सेक्सुअलिटी के लिए हममें भय नहीं होगा। बल्कि, हम इससे मर्यादित, खुले, जिम्मेदार और स्वस्थ तरीके से निबट सकेंगे।


11 साल तक हुआ यौन शोषण मगर श्रीदेवी को देख 'वो' भूल गया सारे गम!

 

आमिर खान ने सत्यमेव जयते के दूसरे एपीसोड में बाल यौन शोषण जैसे संवेदनशील मुद्दे को उठाया। इस हाई वोल्टेज इमोशनल प्रोग्राम को दर्शकों का बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला।
एपीसोड के आखिर में श्रीदेवी के आने से माहौल कुछ हल्का हुआ वरना पूरे प्रोग्राम में बहुत आंसू भरा भावुक और तनावपूर्ण वातावरण रहा।यह पहला मौका था, जब श्रीदेवी बॉलीवुड के सुपरस्टार आमिर के साथ पर्दे पर नजर आई।

48 वर्षीय अभिनेत्री कार्यक्रम में बाल यौन शोषण के शिकार हरीश अय्यर से मिलने आई थी। हरीश ने आमिर को बताया कि एक शख्स ने उनका 11 वर्षो तक यौन शोषण किया और जब भी उन्होंने यह बात अपनी मां को बताने की कोशिश की, तो उनकी बातों को गम्भीरता से नहीं लिया गया।

हरीश ने कहा उस वक्त सिर्फ उनका कुत्ता और विशेषकर श्रीदेवी अभिनीत फिल्में ही उनका सहारा थीं। यही कारण था कि अभिनेत्री को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था।

अपनी पसंदीदा कलाकार से तोहफा पाने के बाद हरीश खासे उत्साहित नजर आए।

कार्यक्रम में आमिर ने कई अन्य पीड़ितों से भी बात की। एक अन्य पीड़ित सिंडरेला प्रकाश ने कहा कि जिस वक्त वह महज 12 वर्ष की थी, तब एक 55 वर्षीय शख्स ने उनका यौन शोषण किया।

सर्वेक्षण के अनुसार यौन शोषण का शिकार होने वाले बच्चों में से 53 प्रतिशत लड़के हैं।

 शो में पहले ही आमिर ने बताया कि पैरेंटस अपने बच्चे को यह एपीसोड दिखाना चाहते हैं कि नहीं, यह तय कर लें क्योंकि वह बाल यौन शोषण पर चर्चा करेंगे। आमिर नहीं चाहते थे कि बच्चे उनका प्रोग्राम मिस करें। इसीलिए, उन्होंने उनके लिए एक वर्कशॉप रखा ताकि वह इस शोषण के प्रति जागरूक हो सकें। उन्होंने बच्चों को सिखाया कि बड़ों का सम्मान न करें, उनके व्यवहार का सम्मान करें।


आमिर का इंवोल्वमेंट इस शो में काफी प्रभावशाली और देखने लायक था। उनकी एंकरिंग से उनका कॉन्फिडेंस झलक रहा था। उन्होंने शो में यौन शोषण से पीड़ित हुए लोगों, मनोवैज्ञानिक, स्पीकर्स से बात करते हुए रिसर्च आंकड़ों के साथ इस मुद्दे को गहराई से प्रस्तुत किया।


आमिर अपने ब्रांड और स्टारडम के साथ लोगों को प्रोग्राम से जोड़ने में सफल रहे हैं। वह इसमें सिर्फ समस्या को उठा ही नहीं रहे, इसके समाधान की भी बात कर रहे हैं। एनजीओ को डोनेशन देने से लेकर वह सरकार से भी इसके लिए अपील कर रहे हैं।


आमिर मार्केटिंग स्किल्स जानते हैं। वह दर्शकों को शो देखने के लिए मोटिवेट ही नहीं करते बल्कि उनको इमोशंस का भारी डोज भी देते हैं। आज के शो में आंसूओं को कुछ ज्यादा ही हाइलाइट करके दिखाया गया। आखिर में जब श्रीदेवी मंच पर आईं तो वहां ऐसा लगा कि इस शो के स्क्रिप्ट में सबकुछ पहले से तय है।

 

 

 

Saturday, 5 May 2012

हिन्दी सिनेमा के सौ साल पूरे


हिन्दी सिनेमा के सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित दादा साहेब फाल्के अवार्ड समारोह बहुत यादगार रहा।


इसमें बॉलीवुड और टेलीविजन की कई हस्तियों ने शिरकत कीं। उन यादगार पलों में से जो तस्वीरें हम आपके लिए लेकर आए हैं, उनमें एक बेमिसाल जोड़ी है।


1966 में 44 साल के थे दिलीप कुमार और 22 साल की थीं सायरा बानो। दोनों ने शादी की। 46 साल बाद भी इस जोड़ी का प्यार आप इन तस्वीरों में देख सकते हैं।


सलामत रहे बेमिसाल जोड़ी: देखिए इनके प्यार के 16 रंग, 16 तस्वीरें-


 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Friday, 4 May 2012

नेशनल अवॉर्ड लेतीं विद्या बालन के दिलकश अंदाज


नई दिल्ली. बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन को 'द डर्टी पिक्चर' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
गुरुवार को विज्ञान भवन में आयोजित 59वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने यह पुरस्कार दिए। इस मौके पर गुलाबी साड़ी पहनी विद्या बहुत ही खूबसूरत नजर आयीं| देखिए नेशनल अवॉर्ड लेतीं विद्या की खास तस्वीरें:

 
 
 

 

 

 

Thursday, 29 March 2012

धरती पर मंडराते बाहरी खतरे, कभी भी खत्म हो सकता है जीवन !

 

 
 
इसमें कोई दो राय नहीं कि मानव ने धरती के संसाधनों का इतना शोषन किया है कि धरती पर कई खतरे मंडराने लगे हैं। खतरे कम नहीं हुए हैं, लेकिन हमें यह याद रखना चाहिए कि खतरे केवल मानव प्रदत्त नहीं हैं। कई ऐसे खतरे भी हैं जो प्रकृति प्रदत्त हैं और इन पर हमारा कोई वश नहीं। दरअसल हमारा सौरमंडल आकाशगंगा के उस हिस्से में है, जो  उग्र हलचलों की तुलना में शांत है, अन्यथा पृथ्वी पर जीवन को विकसित होने का मौका ही नहीं मिलता। जिस पृथ्वी रूपी यान पर हम सवार हैं, वह मानव निर्मित किसी भी यान से कई-कई गुना तेज गति- 105,000 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सूर्य का चक्कर लगा रहा है। इतना ही नहीं, हमारी पृथ्वी और उसका घर सौरमंडल अपने बड़े घर यानी आकाशगंगा (मिल्कीवे) के केंद्र की परिक्रमा करता है और उसका यह यात्रा पथ तरह-तरह के खतरों से भरा पड़ा है।        



 

एलियंस का अस्तित्व है! अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन ज्यादातर खगोलविदों और वैज्ञानिकों का मानना है कि इनका अस्तित्व नकारा नहीं जा सकता। ऐसा इसलिए, क्योंकि अकल्पनीय विस्तार लिए ब्रह्मांड में असंख्य सौर परिवारों तथा ग्रहों में सिर्फ पृथ्वी पर ही बुद्धिमान सभ्यता का विकास हुआ, ऐसा संभव नहीं। आमतौर पर माना जाता है कि एलियंस हमसे बुद्धि और शक्तिमें सदियों आगे हो सकते हैं। कार्ल सगान और स्टीफन हॉकिंग जैसे चर्चित खगोलविदों और कॉस्मोलोजिस्ट का तो मानना है कि कोई भी बाह्य सभ्यता मानव जाति के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। कुछ समय पहले रॉयल एस्ट्रोनॉर्मर मार्टिन रीज ने कहा कि संभव है, एलियंस हमें घूर रहे हों और हम उन्हें अपने सीमित संवेद-बोध के कारण पहचान ही नहीं पा रहे हों। स्टीफन हाकिंग का कहना है कि हमें एलियंस से संपर्क करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से हम संपूर्ण मानव जाति को खतरे में डाल देंगे।
 

पिछले दिनों सूर्य की सतह पर होने वाली हलचलें चर्चा का विषय बनी रहीं। सूर्य-सतह से उठी ‘सौर-सुनामियों’ की भभक पृथ्वी की कक्षा में परिक्रमारत कृत्रिम उपग्रहों और पावर ग्रिड के लिए खतरा बन गई थीं। सौर ज्वालाएं, दरअसल सूर्य पर होने वाले चुंबकीय विस्फोट हैं, जो पृथ्वी पर तेज गति से उपआण्विक कणों की मूसलाधार वर्षा करते हैं। पृथ्वी का वायुमंडल और चुंबकीय क्षेत्र (ध्रुव) साधारण सौर ज्वालाओं के घातक प्रभाव को तो व्यर्थ कर देता है, लेकिन पुराने खगोलीय रिकार्ड को देखने से पता चलता है कि सूर्य जैसे तारों की चमक कुछ देर के लिए 20 गुना ज्यादा बढ़ जाती है। इन तारों में दिखने वाली यह अतिरिक्त चमक ‘सुपर फ्लेयर’ या महा ज्वालाएं कहलाती हैं, जो कि सामान्य सौर ज्वालाओं से लाखों गुना शक्तिशाली होती हैं। ऐसी ही कोई महासौर-ज्वाला यदि कभी सूर्य से उठ गई तो यह कुछ ही घंटों में पृथ्वी को भून सकती है।
 

घातक क्षुद्रग्रह, उल्का पिंड, धूमकेतु से पृथ्वी को ज्यादा खतरा उन अंतरिक्षीय आक्रांताओं से है, जिन्होंने एक नहीं कई बार पृथ्वी से प्रजातियों का सफाया किया है। पृथ्वी के दामन पर अंकित लगभग 200 दाग (क्रेटर) इस बात के गवाह हैं। मंगल और बृहस्पति के बीच (एस्ट्रॉटड बेल्ट) में लाखों की संख्या में ऐसी चट्टानें तैर रही हैं। ऐसे पिंड कई बार अपनी कक्षा से भटक कर पृथ्वी के लिए खतरा पैदा कर देते हैं। माना जाता है कि 6.5 करोड़ वर्ष पूर्व ऐसा ही कोई पिंड पृथ्वी से टकराया था, जिसने डायनासोरों का हमेशा के लिए सफाया कर दिया था। इससे भी बड़ी टक्कर 25 करोड़ वर्ष पहले हुई थी, जिसके बाद समुद्र की 90 प्रतिशत और जमीन पर कशेरुकी जीवों की 70 प्रतिशत प्रजातियां खत्म हो गईं। वैसे पृथ्वी से टकराने वाले ज्यादातर पिंड वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद घषर्ण से जलकर राख हो जाते हैं।
 

1783 में आइसलैंड में जो भयावह ज्वालामुखी फूटा था, उससे तीन घन मील लावा निकला था। लावा की बाढ़, राख और भभक ने वहां नौ हजार लोगों और 60 प्रतिशत मवेशियों का सफाया कर दिया था। इस परिस्थिति के चलते पैदा हुई विषम जलवायु में भुखमरी के चलते वहां एक-चौथाई जनसंख्या खत्म हो गई थी। वायुमंडल में पहुंची धूल ने तब नए-नए स्वतंत्र हुए अमेरिका में सर्दियों का मौसम पैदा कर तापमान नौ डिग्री तक गिरा दिया था। ज्वालामुखी कार्बन डायऑक्साइड मुक्तकरते हैं जो लंबे समय तक ग्रीन हाउस प्रभाव को गरम बनाए रखते हैं। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि 6.5 करोड़ वर्ष पहले डायनासोरों के खात्मे की संभावित वजह बड़े ज्वालामुखी का फूटना था।
 

इस तरह के विस्फोट, जिन्हें गामा-रे बस्र्ट यानी ‘जीआरबी’ कहा जाता है, प्रकृति में ज्ञात अब तक के सबसे शक्तिशाली विस्फोट हैं। यदि हमारी आंखें गामा किरणों को देखने की क्षमता रखतीं तो हम देखते कि किस तरह ये ब्रह्मांडीय किरणों हमारा पीछा करती हैं, जो हमारी आंखों को चुंधिया देती हैं। दिन में हमें एक या दो बार हमें ऐसी चमक दिखाई देती है, जिसके सामने सूरज की रोशनी भी फीकी होती है। सौभाग्य से ये विस्फोट हजारों प्रकाश वर्ष दूर आकाशगंगाओं (गैलेक्सीज) में घटित होते हैं और सूर्य से खरबों गुना ऊर्जावान होते हैं।
 

ये ब्रह्मांड के सबसे शक्तिशाली और रहस्यमय पिंड हैं। इनका गुरुत्वाकषर्ण इतना सशक्तहोता है कि सबसे तेज गति से चलने वाला प्रकाश भी इससे बाहर नहीं निकल सकता। ब्लैक होल इतना संघनित (डेंस) होता है कि 10 करोड़ सूर्य मात्र 60 लाख किलोमीटर व्यास के ब्लैक होल में फिट हो जाएंगे। हमारे सूर्य का व्यास 1,390,000 किलोमीटर है। हर आकाशगंगा के केंद्र में एक भीमकाय ब्लैक होल होता है। खगोलविदों का आकलन है कि सिर्फ हमारी आकाशगंगा में ही करीब एक करोड़ ब्लैक होल हो सकते हैं। विनाश लाने के लिए ब्लैक होल को पृथ्वी के निकट आने की भी जरूरत नहीं होगी। सौरमंडल से काफी दूरी पर गुजरने से ही सारे ग्रहों की कक्षाएं अस्त-व्यस्त हो जाएंगी। संभव है पृथ्वी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चली जाए।